Wednesday, October 14, 2009

प्रतिदान


यदि कभी

कुछ दूँ


मैं तुम्हें


तो तपाक से


थैंक्यू न बोलना !!!





(अच्छा नही लगता

बिलकुल भी ! )



लेना .......


चुप रहना .........


फिर हल्का सा .......


बहुत धीरे से.....


मुझे देखते हुए


मुस्कराना ......



बस




5 comments:

  1. theek hai ji deepaavalee kee shubhakaamanaayen

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  2. लेना .......


    चुप रहना .........


    फिर हल्का सा .......


    बहुत धीरे से.....


    मुझे देखते हुए


    मुस्कराना ......



    बस

    waah!!

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  3. ओह एक मुस्कान तो अभी अभी ......आ गयी....

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  4. कोमल भावनाओं का सुंदर प्रस्फुटन।
    धनतेरस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
    ----------
    डिस्कस लगाएं, सुरक्षित कमेंट पाएँ

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  5. bahut achha.....muskura hi rahe hain...bas...

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