Monday, May 21, 2018

Sunday, May 20, 2018

तनख़्वाह

अगले महीने की तनख़्वाह जोहते हम 
भूल जाते हैं अक्सर 
कि अगले महीने की तनख़्वाह के साथ 
कम हो जाएँगे 
हमारी ज़िंदगी के एक महीने

सिर्फ़ तनख़्वाह के लिए 
वक़्त को इतनी जल्दी 
बीत जाने देने का उतावलापन 

क्या कुछ ज़्यादा महँगा नहीं